DBRAU में पहली बार शुरू होंगे ऑनलाइन कोर्स, UGC से मिली मंजूरी, जानें कौन-कौन से कोर्स होंगे उपलब्ध

डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ( DBRAU ) के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC के दुरस्थ शिक्षा ब्यूरो से पहली बार ऑनलाइन पठन-पाठन संचालित करने की मंजूरी मिल गई है इसके बाद विश्वविद्यालय अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार ऑनलाइन पठन-पाठन शुरू होने से उन छात्रों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते हैं. अब छात्र घर बैठकर ही यूनिवर्सिटी से डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर सकेंगे।

अभी 8 कोर्स को मिली है मंजूरी

यूजीसी ( UGC ) की मंज़ूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय निम्नलिखित 8 ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करेगा।

  • B.Com
  • BBA
  • BCA
  • M.com
  • MBA
  • MCA
  • MA ( sociology )

छात्रों के लिए फायदा

ऑनलाइन पठन-पाठन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि छात्र को नियमित रूप से विश्वविद्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे दूसरे शहरों और नौकरी करने वाले छात्रों को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार इन कोर्सों की फीस भी नियमित पठन-पाठन की तुलना में कम रखी जाएगी।इससे कम खर्च के में गुणवत्तपूर्ण शिक्षा प्राप्त करना संभव होगा। Dbrau

Classes पर नही पड़ेगा कोई असर

विश्वविद्यालय ( DBRAU )ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन कोर्स और नियमित पाठ्यक्रम पूरी तरह से अलग होंगे। नियमित छात्रों की कक्षा पहले की तरह निरंतर संचालित रहेगी। जबकी ऑनलाइन कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थीयों की पढ़ाई डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए अलग प्रवेश प्रक्रिया, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और वर्चुअल कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी।

अक्टूबर माह से पढ़ाई शुरू हो जाएगी

विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन पाठ्यक्रम में प्रवेश और पढ़ाई शुरू होने की संभावना है।

DBRAU के लिए महत्वपूर्ण कदम

विशेषणों का मनाना है कि यह निर्णय डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय ( DBRAU ) के लिए एक महत्वपूर्ण है डिजिटल शिक्षा के बढ़ते दौड़ में ऑनलाइन कोर्स ज़रूरी होने से विश्वविद्यालय की पहुँच देश भर में के विद्यार्थियों तक बढ़ेगी और उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया जा सकेगा।

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