गांधीजी ने लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई के दौरान शाकाहारी भोजन की शपथ ली और "London Vegetarian Society" से जुड़े।
उन्हें बचपन में अंधेरे और भूत-प्रेत से बहुत डर लगता था।
गांधीजी इंग्लैंड में रहते समय वायलिन और डांस क्लास जॉइन करना चाहते थे।
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महात्मा गांधी का पहला कोर्ट केस हारकर वे कोर्ट से रोते हुए बाहर निकले थे।
उन्होंने एक बार ट्रेन का "फर्स्ट क्लास टिकट" लेकर यात्रा की, लेकिन रंगभेद के कारण उन्हें जबरन बाहर फेंक दिया गया।
गांधीजी को
"महात्मा"
की उपाधि सबसे पहले गुरुदेव
रवीन्द्रनाथ टैगोर
ने दी थी।
वे 21 दिन तक बिना भोजन के केवल पानी पीकर उपवास कर चुके थे।
दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी ने "फीनिक्स फार्म" नाम की बस्ती बसाई थी।
गांधीजी का पसंदीदा गाना था – "वैष्णव जन तो तेने कहिये"।
उन्होंने सुई और धागे से खुद अपने कपड़े सीना शुरू किया था।
उन्हें किताबें पढ़ने का बहुत शौक था – विशेषकर "भगवद गीता", "तुलसीरामायण" और "जॉन रस्किन" की किताबें।
गांधीजी अंग्रेजी में बोलने से पहले घबराते थे और एक बार पूरी सभा में बोल ही नहीं पाए।
उनकी हत्या के बाद, ब्रिटिश सरकार ने उनके सम्मान में "हाफ मास्ट" झंडा फहराने का आदेश दिया था।